Effects of Jupiter on Career and Business
12:25 am
गुरू को सत्वगुणी ग्रह माना जाता है. यह
05:53 pm | समय पर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की इच्छा के कारण माता-पिता व भावी वर-वधू भी चाहते है कि अनुकुल समय पर ही विवाह हो जायें. कुण्डली में...
07:12 pm | मंगल को नवग्रहों में तीसरा स्थान प्राप्त है और केतु को नवम स्थान फिर भी ज्योतिष की...
August 29 2010 / No comment / Read More »
01:38 am | 20 दिसम्बर को गुरू राशि परिवर्तन करके कुम्भ राशि में प्रवेश कर रहा है. इस राशि में...
December 18 2009 / No comment / Read More »
09:00 pm | गुरू को नवग्रहों में शुभ ग्रह के रूप में जाना जाता है. यह धर्म और अध्यात्म का...
December 17 2009 / No comment / Read More »
11:26 pm | हम जैसा कर्म करते हैं उसी के अनुरूप हमें ईश्वर सुख दु:ख देता है। सुख दु:ख का...
November 28 2009 / 1 comment / Read More »शनि नौकरी एवं कारोबार (Saturn’s Influence on Profession and Business)
शनि और पाप ग्रह (Shani and Malefic Planets)
शनि का गोचर (Saturn’s transit)
राशियों पर शनि का प्रभाव (Saturn’s Influence in Different Zodiac Signs)
शनि साढे साती, प्रभाव एवं उपचार (Saturn Sade Sati, effects & remedies)
शनि के शुभ फल (Saturn can give good results)
07:29 pm | रत्न में करिश्माई शक्तियां होती है.रत्न अगर सही समय में और ग्रहों की सही स्थिति को देखकर धारण किये जाएं तो इनका सकारात्मक प्रभाव प्राप्त होता है अन्यथा रत्न विपरीत प्रभाव भी देते हैं.ग्रहों के समान रत्नों में भी आपसी विद्वेष होता है अत: किसी रत्न के साथ दूसरे रत्नों को धारण कर सकते हैं...
June 9 2010 / No comment / Read More »08:15 pm | प्यार की मंजिल प्रेमी को पाना होता है. हर प्रेमी की चाहत होती है कि वह जिससे प्यार करता है वही उसका जीवनसाथी बने. लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जिनका प्यार सफल हो पाता है. जिन लोगों के मन में यह भावना उठती हो कि उनका प्यार सफल होग या नहीं वह प्रश्न कुण्डली...
July 1 2010 / 1 comment / Read More »11:31 pm | यह जरूरी नहीं कि जिनकी कुण्डली में कालसर्प योग (Kalsarp Yoga) हैं उन्हें इस योग का अशुभ फल जन्मकाल से ही मिलने लगे. अगर आपकी कुण्डली में शुभ योग हैं तो आपको उनका भी फल मिलता रहेगा परंतु कालसर्प योग (Kal Sarp Yoga) का फल भी आपको भोगना होगा.विशेष स्थिति और समय में...
November 28 2009 / 1 comment / Read More »08:06 pm | जैमिनी ज्योतिष (Jaimini Jyotish) में विवाह के विचार के लिए उपपद को एक महत्वपूर्ण कारक के रुप में देखा जाता है. उपपद और दाराकारक (Uppad and Dara Karak) से दूसरे एवं सातवें घर एवं उनके स्वामियों का भी विवाह के संदर्भ में विचार किया जाता है. इस विषय में कहा गया है कि अगर दूसरे...
June 8 2010 / 1 comment / Read More »11:59 pm | भगवान शंकर के गण नदी द्वारा जिस ज्योतिष विधा को जन्म दिया गया उसे नंदी नाड़ी ज्योतिष (Nandi Nadi Jyotish) के नाम से जाना जाता है. नंदी नाड़ी ज्योतिष (Nandi Nadi Jyotish) मूल रूप से दक्षिण भारत में अधिक लोकप्रिय और प्रचलित है. इस ज्योतिष विधा में ताल पत्र (Nandi Nadi Jyotish interprets writing on...
November 28 2009 / No comment / Read More »08:15 pm | प्यार की मंजिल प्रेमी को पाना होता है. हर प्रेमी की चाहत होती है कि वह जिससे प्यार करता है वही उसका जीवनसाथी बने. लेकिन बहुत कम लोग होते हैं...
July 1 2010 / 1 comment / Read More »
08:06 pm | जैमिनी ज्योतिष (Jaimini Jyotish) में विवाह के विचार के लिए उपपद को एक महत्वपूर्ण कारक के रुप में देखा जाता है. उपपद...
June 8 2010 / 1 comment / Read More »
02:00 am | गृहस्थ जीवन के सुख के विषय में लाल किताब की अपनी मान्यताएं हैं. ज्योतिष की इस विधा में वैवाहिक जीवन के सुख...
June 7 2010 / No comment / Read More »
07:56 pm | रत्नों में ग्रहों की उर्जा को अवशोषित करने की अद्भुत क्षमता होती है। रत्नों में विराजमान अलौकि गुणों के कारण रत्नों को...
May 28 2010 / No comment / Read More »
08:58 pm | शनि को मंद गति से चलने वाला क्रूर ग्रह माना जाता है. शनि नीच कर्म का और परिश्रम का स्वामी होता है.लाल...
December 1 2009 / 3 comments / Read More »02:00 am | गृहस्थ जीवन के सुख के विषय में लाल किताब की अपनी मान्यताएं हैं. ज्योतिष की इस विधा में वैवाहिक जीवन के सुख के विषय में कई योगों का उल्लेख किया...
June 7 2010 / No comment / Read More »