Bhadrapada Sankranti – भाद्रपद संक्रान्ति 2010
08:50 am
17 अगस्त 2010, मंगलवार, प्रात: 05:43, सूर्य मघा
06:06 pm | ज्योतिषशास्त्र में शुभ योग है तो अशुभ योग भी है.शुभ योग अपने गुण के अनुसार शुभ फल(positive result) देते हैं तो अशुभ योग अशुभ फल (negative result)प्रदान करते...
12:25 am | गुरू को सत्वगुणी ग्रह माना जाता है. यह ज्ञान व भाग्य का प्राकृति स्वामी ग्रह माना जाता...
June 4 2010 / No comment / Read More »
09:45 pm | व्यवसाय का सम्बन्ध जीविका से है. जीविका के लिए व्यक्ति व्यापार करता है या नौकरी. इसका स्तर...
November 28 2009 / 12 comments / Read More »मंगल केतु में समनता एवं विभेद (Similarities and differences between Mars and Ketu)
कुम्भ राशि में गुरू के गोचर का वृष राशि पर प्रभाव (Impact of Jupiter’s Transit Into Aquarius on Taurus Sign)
कुम्भ राशि में गुरू के गोचर का वृष राशि पर प्रभाव (Impact of Jupiter’s Transit Into Aquarius on Taurus Sign)
कुम्भ राशि में गुरू के गोचर का मेष राशि पर प्रभाव (Impact of Jupiter’s Transit Into Aquarius on Aries Sign)
कुम्भ राशि में गुरू के गोचर का मेष राशि पर प्रभाव (Impact of Jupiter’s Transit Into Aquarius on Aries Sign)
ज्योतिष के अनुसार अशुभ जन्म समय (Inauspicious birth time as per astrology)
कुण्डली में ग्रहण योग प्रभाव और उपचार (Grahan Yog in the Kundali)
राशि का मित्रता पर प्रभाव (Moonsign and friendship)
07:29 pm | रत्न में करिश्माई शक्तियां होती है.रत्न अगर सही समय में और ग्रहों की सही स्थिति को देखकर धारण किये जाएं तो इनका सकारात्मक प्रभाव प्राप्त होता है अन्यथा रत्न विपरीत प्रभाव भी देते हैं.ग्रहों के समान रत्नों में भी आपसी विद्वेष होता है अत: किसी रत्न के साथ दूसरे रत्नों को धारण कर सकते हैं...
June 9 2010 / 4 comments / Read More »08:15 pm | प्यार की मंजिल प्रेमी को पाना होता है. हर प्रेमी की चाहत होती है कि वह जिससे प्यार करता है वही उसका जीवनसाथी बने. लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जिनका प्यार सफल हो पाता है. जिन लोगों के मन में यह भावना उठती हो कि उनका प्यार सफल होग या नहीं वह प्रश्न कुण्डली...
July 1 2010 / 66 comments / Read More »08:06 pm | जैमिनी ज्योतिष (Jaimini Jyotish) में विवाह के विचार के लिए उपपद को एक महत्वपूर्ण कारक के रुप में देखा जाता है. उपपद और दाराकारक (Uppad and Dara Karak) से दूसरे एवं सातवें घर एवं उनके स्वामियों का भी विवाह के संदर्भ में विचार किया जाता है. इस विषय में कहा गया है कि अगर दूसरे...
June 8 2010 / 14 comments / Read More »11:31 pm | यह जरूरी नहीं कि जिनकी कुण्डली में कालसर्प योग (Kalsarp Yoga) हैं उन्हें इस योग का अशुभ फल जन्मकाल से ही मिलने लगे. अगर आपकी कुण्डली में शुभ योग हैं तो आपको उनका भी फल मिलता रहेगा परंतु कालसर्प योग (Kal Sarp Yoga) का फल भी आपको भोगना होगा.विशेष स्थिति और समय में...
November 28 2009 / 6 comments / Read More »12:02 am | लाल किताब के अनुसार जिस घर में कोई ग्रह न हो तथा जिस घर पर किसी ग्रह की नज़र नहीं पड़ती हो उसे सोया हुआ घर माना जाता है. लाल...
February 16 2013 / No comment / Read More »
02:00 am | गृहस्थ जीवन के सुख के विषय में लाल किताब की अपनी मान्यताएं हैं. ज्योतिष की इस विधा में वैवाहिक जीवन के सुख...
June 7 2010 / 17 comments / Read More »
07:56 pm | रत्नों में ग्रहों की उर्जा को अवशोषित करने की अद्भुत क्षमता होती है। रत्नों में विराजमान अलौकि गुणों के कारण रत्नों को...
May 28 2010 / 5 comments / Read More »
08:06 pm | जैमिनी ज्योतिष (Jaimini Jyotish) में विवाह के विचार के लिए उपपद को एक महत्वपूर्ण कारक के रुप में देखा जाता है. उपपद...
June 8 2010 / 14 comments / Read More »
02:00 am | गृहस्थ जीवन के सुख के विषय में लाल किताब की अपनी मान्यताएं हैं. ज्योतिष की इस विधा में वैवाहिक जीवन के सुख...
June 7 2010 / 17 comments / Read More »08:15 pm | प्यार की मंजिल प्रेमी को पाना होता है. हर प्रेमी की चाहत होती है कि वह जिससे प्यार करता है वही उसका जीवनसाथी बने. लेकिन बहुत कम लोग होते हैं...
July 1 2010 / 66 comments / Read More »