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जन्म कुण्डली और प्रश्न कुण्डली ( Birth Horoscope vs. Prashna Kundali)

ज्योतिषशास्त्र की कई विधाएं हैं उन्हीं में से एक है जन्म पर आधारित ज्योतिष पद्धति (Birth Horoscope Astrology) और दूसरी है प्रश्न पर आधारित ज्योतिष पद्धति (Horary Astrology or Prashna Jyotish). प्रश्न ज्योतिष (Prashna Jyotish) जन्म पर आधारित ज्योतिष से कई मायने में भिन्न है. यही भिन्नता प्रश्न ज्योतिष की लोकप्रियता का कारण है.
जन्म कुण्डली – Birth Horoscope or Janma Kundli
जन्म कुण्डली पर आधारित ज्योतिष पद्धति जन्म समय के आधार पर फलादेश करता है. इस पद्धत्ति का जन्म समय, जन्म तिथि एवं जन्म स्थान का पूरा ब्यौरा देना होता है इसके पश्चात कुण्डली का निर्माण किया जाता है. इस विधि से तैयार कुण्डली में फलादेश ज्ञात करने में काफी समय लगता है क्योकि इसमें दशा, अन्तर्दशा का सूक्ष्म विश्लेषण करना होता है जो एक लम्बी गणीतिय प्रक्रिया है.

जन्म कुण्डली में कठिनाई
यह जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति को अपनी जन्म तिथि और जन्म समय का ज्ञान हो. अगर जन्म तिथि और जन्म समय का सही ज्ञान नहीं है तो जन्म कुण्डली से कभी भी सही फलादेश की उम्मीद नहीं की जा सकती. वहीं अगर आपको उपरोक्त तथ्यों का ज्ञान है तो जन्म कुण्डली से जीवनभर का लेखा जोखा प्राप्त किया जा सकता है. जन्म कुण्डली की गणना विधि भी थोड़ी जटिल है अत: इसका फलादेश भी विलम्ब से प्राप्त होता है. इन छोटी छोटी बातों को छोड़ दें तो जन्म कुण्डल पर आधारित ज्योतिष पद्धति सबसे प्रचलित और उत्तम माना जाता है.

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प्रश्न कुण्डली – Prashna Kundali or Horary Astrology
प्रश्न कुण्डली (Horary Horoscope) को सरल तुरंत फलादेश करने वाला ज्योतिष पद्धति माना जाता है. इसका कारण यह है कि इसमें दशा अन्तर्दशा ज्ञात करने की आवश्यकता नहीं होती है. इसमें प्रश्नकर्ता जिस समय प्रश्न करता है उस समय ग्रहों के गोचर के अनुसार कुण्डली का निर्माण किया जाता है. इस कुण्डली में लग्न का निर्धारण अंकों के आधार पर किया जाता है. इस प्रक्रिया में फलादेश में गलतियां होने की संभावना नहीं रहती क्योकि इसमें वर्तमान समय में ग्रहों की स्थिति को आधार मानकर फल कथन किया जाता है.

प्रश्न ज्योतिष (Prashna Jyotish) में किसी खास प्रश्न का उत्तर ज्ञात करना जन्म कुण्डली पर आधारित ज्योतिषीय विधि से आसान माना गया है. इस विधि में प्रश्न कर्ता को जन्म स्थान, जन्म समय और जन्म तिथि का ब्यौरा नहीं देना पड़ता अत: जिन लोगों के पास जन्म का ब्यौरा नहीं है उनके लिए भी यह पद्धति उपयोगी है. ऐसी भी मान्यता है कि जिन लोगों को अपना जन्म समय ज्ञात नहीं है वे इस विधि से अपना जन्म समय भी ज्ञात कर सकते हैं.

प्रश्न कुण्डली की कठिनाई
प्रश्न कुण्डली (Horary Horoscope)  की कठिनाई है कि इसमें एक ही प्रश्न का उत्तर कई ज्योतिषीयों से करना सही नहीं माना जाता है क्योंकि यह समय पर आधारित पद्धति है फलत: समय बदलने पर फलादेश भी बदल जाता है और मन को भ्रमित करता है. यही कारण है कि इस पद्धति से जब प्रश्न का उत्तर जानना हो तब किसी ज्ञानी ज्योतिषी से सम्पर्क करने की सलाह दी जाती है.

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12 Comments

  • At 2010.06.29 04:59, manisha P Jobanputra said:

    when my court case will be resolved and to what result will it get extended or it will get resolved i thyear 2010

    • At 2010.09.10 10:35, bharat said:

      mazhe pudil nokaritil diwas kase aahe

      • At 2010.09.22 04:49, prapti said:

        mere gar me bahut problemes he kab theek hoga aur hamare court case kab solve honge

        • At 2011.04.08 04:38, bhasker said:

          When my promotion will be

          • At 2011.07.02 04:08, Nirmal said:

            son yoga

            • At 2011.11.10 05:05, Prashant said:

              When my property litigations with brother will be solved?

              • At 2012.07.04 06:07, Ashok Kumar Savita said:

                I want to prashna Kundli because I do’nt know my actual date of birth

                • At 2012.12.12 01:46, preeti goswami said:

                  preeti goswami 20-04-1984 place kanpur i wlii do govt job or love marriage will be successful

                  • At 2014.07.30 04:49, karanpatel said:

                    what I can get usa studant visa?

                    • At 2014.07.30 04:52, karanpatel said:

                      please reply

                      • At 2014.07.30 04:55, shikhapatel said:

                        when will be my merrege

                        • At 2015.04.17 01:27, jaywant bhandari said:

                          laganacha yog ahe ka at

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