चौघडिया – Chogadhia The instant Muhurta

chaughadia

चौघडिया मूहुर्त क्या है (What is chaughadia Muhurat)

तेजी से भागते, बदलते समय ने ज्योतिष के मूहुर्त को भी बदल के रख दिया है. आज झटपट मूहुर्त का चलन है. मूहुर्तों की इसी श्रेणी में चौघडिया मूहुर्त (Chaughadia muhurtas) का नाम आता है. इस मूहुर्त को गुजरात व भारत के पश्चिमी क्षेत्रों में अधिक प्रयोग में लाया जाता है.

चौघडिया मूहुर्त का महत्व: Importance of chaughadia Muhurat

इसका प्रयोग किसी शुभ काम को या किसी नई योजना को शुरु करने के लिये किया जाता है. जैसे: नये व्यापार या व्यवसाय को आरम्भ करने के लिये चौघडिया मूहुर्त का प्रयोग किया जा सकता है. हमारे यहां अनेक प्रकार के मूहुर्त निकाले जाते है. उद्देश्य के अनुसार उन्हे ज्ञात किया जाता है.

कुछ साधारण मूहुर्त है जिन्हे सामान्य कामों के लिये प्रयोग किया जाता है. जिसमें : वस्त्र धारण, धान्य छेदन, हल चलाना, इत्यादि मुख्य है तो कुछ तिथियों व वारों से जुडे है. कुछ मूहुर्तो को वस्तु क्रय-विक्रय, दूकान करने का, ऋण देना, लेना, भूमि लेना इत्यादि है. व्यक्ति के सोलह संस्कारों से भी सोलह मुहूर्त जुडे है. ग्रह मूहुर्त, वर्षा मूहुर्त, यात्रा आदि से जुडा मूहुर्त है. अन्य भी अनेक प्रकार के मूहुर्त है जिनका प्रयोग समय समय पर किया जाता है.

मूहुर्त की गणना करना (How to Calculate Chaughadia Muhurta)

चौघडिया मूहुर्त (Chowghadia-muhurtas) को ज्ञात करने के लिये दिन के 24 घण्टे के समय को 16 भागों में बांटा जाता है जिसका एक भाग लगभग डेढ घण्टे का होता है. ज्ञात समय के प्रत्येक भाग को चौघडिया कहा जाता है. यह मुहूर्त निकालने का सबसे सरल तरीका है, इसे तुरन्त निकाला जा सकता है. सबसे अच्छी बात इसमें यह है की इसके फल भी बहुत ही सटीक होते है. इस प्रतिदिन के आठ मूहुर्त जाने जा सकते है. प्रत्येक वार को दिन-रात के चौघडिया में 112 मुहूर्त हो सकते है.

चौघडिया प्रकार (Type of Chaughadiyas)

सात प्रकार की चौघडिया इस प्रकार है.

  • उद्धेग
  • अमृत
  • रोग
  • लाभ
  • .शुभ
  • चर
  • काल

विश्लेषण : कब प्रयोग करे

उद्वेग काल मूहुर्त के लिये बुरा समझा जाता है, अमृत को अच्छा, रोग को बुरा, लाभ को फिर अच्छा समझा जाता है, शुभ भी अच्छा समझा जाता है. चर को मध्यम माना जाता है, तथा काल बुरे समय काल में आता है.

शुभ काल के मूहुर्त समय को अच्छे कामो के लिये लिया जाता है. परन्तु जो काम शुभ हो तथा जिन्हे आरम्भ करना हो उन्हे बुरे समय काल में आरम्भ नहीं करना चाहिए. चर काल समय यात्रा आदि के लिये विशेष रुप से अच्छे समझे जाते है.

इन मूहुर्तों पर शुभ तिथि, नक्षत्र, करण व वार तथा दिन में बनने वाले अन्य योगों का भी प्रभाव पडता है. जैसे: सभी नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष विज्ञान में सभी शुभ कामों के लिये बेहद शुभ माना जाता है. इस नक्षत्र के समय में अगर अम्रत काल का समय भी हो तो सोने मे सुहागे वाली बात हो जाती है.

चौघडि़या शहर के हिसाब से परिवर्तित होता रहता है. किसी भी दिन और स्थान का चौघडिया पता करने के लिये एस्ट्रोबिक्स.काम में चोघडिया पर जाकर उस शहर का नाम और तिथि भरकर वांछित चौघडिया जाना जा सकता है.

चौघडिया मुहूर्त (chaughadia Muhurta) निकालने के लिये चौघडिया मुहूर्त चक्र (chaughadia Muhurta Chakra) का प्रयोग किया जाता है. जिससे सरलता से दिन-रात्रि के शुभ व अशुभ समय का आकलन किया जा सकता है. इसे निकालते समय दिशाशूल का विचार भी अवश्य करना चाहिए. जैसे: यात्रा के लिये निकाले गये मुहूर्त समय में अगर चौघडिया मुहूर्त का स्वामी यात्रा के लिये निकाले गये समय का दिशाशूल कारक हो तो उस समय में चौघडिया मुहूर्त (Choghadia muhurtas) को नहीं लेना चाहिए.

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