सिनेमा सितारे और ज्योतिष (Astrology and Film Industry)



ज्योतिष एवं कैरियर की श्रंखला में आज फिल्म एवं टेलिविजन से संबन्धित कैरियर के लिये ज्योतिष दशाएं, ग्रह संबध, ग्रह दृष्टि , ग्रह युति व वर्तमान गोचर पर विचार करते हैं

1. आवश्यक भाव  (Necessary Houses for Career in Film Industry)
फिल्म एवं टेलिविजन में स्टार कैरियर के लिये व्यक्ति का लग्न व लग्नेश अति बली (The Ascendant or its lord should be strong ) होना चाहिए. जिससे व्यक्ति दूसरों पर अपना प्रभाव छोडने में सक्षम हो सकता है जिससे लोग लम्बे समय तक उसे याद रख सके यह अभिनय के क्षेत्र में काम करने वालों के लिये सबसे आवश्यक गुण है. कला के क्षेत्र में वो चाहे फिल्मी हो या नाट्य से संबधित हो उसके लिये कुंड्ली का पंचम भाव तथा पंचमेश बलवान होकर दशम व दशमेश से संबध बनाने पर व्यक्ति अभिनय को अपना आजीविका क्षेत्र बनाता है. (The fifth house is thwe house of entertainment in the horoscope)कुण्डली के पंचम घर को मनोरंजन का घर कहा जाता है. यह सिनेमा का भी घर है. व दशम घर को आजीविका का घर कहते है.

तीसरे घर से व्यक्ति के शौक देखे जाते है. इस घर से व्यक्ति में कला या सृ्जनात्मकता का गुण आता है. इसका संबध पंचम या पंचमेश व शुक्र से आये तो व्यक्ति अभिनय में माहिर होता है. इसमें लग्न या लग्नेश से तीसरा घर का संबध बने तो और भी अच्छा समझा जाता है. तीसरा घर मीडिया, संचार के साधनों का घर है इन साधनों के माध्यम से व्यक्ति को लोकप्रियता मिलती है.

2. आवश्यक ग्रह (Necessary Planets for Career in Film Industry)
अभिनय के लिये मन मे इच्छा शक्ति का बली होना आवश्यक है. और इसका कारक चन्द्र है. शुक्र कला से जुडा ग्रह (.(Venus is a planet associated with the artistic acts) है. इन दोनों ग्रहो का संबध पंचम व पंचमेश से होने पर अभिनय के क्षेत्र में जाने का योग बनता है. इसमें बुध वाणी का कारक होकर चन्द्र व शुक्र से संबध बनाये तो व्यक्ति अच्छे डायलाग बोल सकता है.

शुक्र का पीडित होना भी जरुरी है. शुक्र पर पाप प्रभाव न होने पर व्यक्ति अपनी कला का प्रदर्शन करना पसन्द नहीं करता है. उसे अपनी कला का सार्वजनिक प्रदर्शन अपमान जनक लगेगा. तथा व अपनी कला से धन कमाने का प्रयास भी नहीं करेगा. इसलिये इस क्षेत्र से जुडे लोगों की कुण्डलियों में शुक्र पर पाप प्रभाव देखने में आता है.

शुक्र को मूल रुप से आंनद, भोग, ऎश्चर्य, मनोरंजन, व सुन्दरता का ग्रह माना जाता है.  शुक्र का पंचम व पंचमेश से संबध (Relationship of Venus with the fifth house/lord) बनने पर व्यक्ति मनोरंजन के क्षेत्र में सफलता अर्जित करता है.

3. दशायें (Dasha for Career in Film Industry)
व्यक्ति को पांचवे घर, तीसरे घर तथा दशम घर से जुडे ग्रहों की दशा मिलने पर सफलता मिलती है. इस क्षेत्र में काम करने के लिये आयु अधिक महत्व नहीं रखती है. क्योंकि इस में हर आयु के लिये क अलग पात्र की भूमिका होती है. इसमें योग्यता व भाग्य का बली होना आवश्यक होता है.

4. गोचर (Transit for Career in Film Industry)
गोचर का अपना महत्व है. बिना गोचर के दशायें व योग फल नहीं दे पाते है. इसलिये व्यक्ति को उचित ग्रहों का गोचर मिलना उसके सपनों को साकार रुप देने में सहायता करता है.

अन्य योग (Other Yogas for Career in Film Industry)
जन्म लग्न या चन्द्र लग्न या सूर्य लग्न में जो भी बली हो, उससे दशम भाव पर अभिनय कारक शुक्र बली हो व नवाशं कुन्डली में बली ग्रह योग हो तो व्यक्ति को अभिनय, फिल्म, नाटक, माडलिंग आदि मे उच्च स्तर प्राप्त होता है.

स्वग्रही मंगल व गुरु पंचम में हो तथा मनोरंजन कारक शुक्र दूसरे भाव में हो या आपस में संबध रखे ((If Mars is located in its own sign and Jupiter is placed in the fifth house and Venus is placed in the second house) तब भी अभिनय में सफलता मिलती है.

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