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राशि का मित्रता पर प्रभाव (Moonsign and friendship)

friendship-astrologyज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस लग्न में व्यक्ति का जन्म होता है.उससे विभिन्न राशियों के अनुसार साझेदारी का फल मिलता है.अगर आप किसी से साझेदारी या दोस्ती करने जा रहे हैं तो यह देखिये कि क्या आपकी राशि से उस व्यक्ति की राशि में तालमेल बैठ रहा है इसके बाद ही साझेदारी का विचार करना चाहिए (Check whether your Moonsigns are compatible for friendship or partnership).

साझेदार अगर समान राशि के हैं तो शुरू शुरू में तो लाभ होता है लेकिन जैसे जैसे वक्त गुजरता है आपस में प्रतियोगिता का माहौल बन जाता हैं जिसका परिणाम अंत में दोनों को नुकसान होता है.यह बात व्यापारिक या कारोबारी साझेदारी से लेकर पति पत्नी एवं मित्रता पर भी लागू होती है.वैवाहिक कुण्डली मिलान करते समय अगर वर और कन्या की राशि समान है तो यह बात समझ लेनी चाहिए कि वैवाहिक जीवन में आगे चलकर तू तू मैं मैं होनी वाली है (People of the same Rashi have good relationships in the beginning, but compete later on) यानी दोनों अपने आपको श्रेष्ठ साबित करने की कोशिश करेंगे फलत: गृहस्थी कलहपूर्ण रहेगी.

आप जिससे मित्रता का हाथ मिलाने जा रहे हैं अगर उसका लग्न आपके लग्न से दूसरा है तो इस स्थिति में आपको लाभ होगा परंतु आपके साझेदार को नुकसान होगा, यानी इस रिश्ते में परस्पर मित्रता वाली बात नहीं रहेगी.वैवाहिक मामले में इस विषय पर विचार करें तो आप सुखी होंगे परंतु आपका जीवन साथी कष्ट में रहेगा. लग्न से तीसरी राशि वाला व्यक्ति बुरे वक्त में काम नहीं आता है यानी जब आप पर कठिन समय आएगा तो वह मदद के लिए आगे नहीं आएगा. हालांकि इस राशि वालों की दोस्ती फलती है और दोनों में घनिष्ठता रहती है.

जिस लग्न में आपका जन्म हुआ है उस लग्न से चौथी राशि वाले से आप साझेदारी करते हैं तो सुख के समय दोनों के बीच प्यार उमड़कर आएगा परंतु जब दु:ख का समय आएगा तो साझेदार मुंह फेर लेगा (If the Sign is fourth from yours, you will have good relationships in good times, but not in bad times).इनके बीच साझेदारी सिर्फ स्वार्थवश हुआ करती है.अगर पति पत्नी की स्थिति इस प्रकार की बनती है तो विवाद और कलह का घर होगा.लग्न से पंचम राशि वालों के बीच जो साझेदारी या दोस्ती बनती है वह बहुत ही उत्तम मानी जाती है.इनकी दोस्ती में अपनत्व की भावना रहती है दोनों एक दूसरे के प्रति समर्पण भाव रखते हैं.जरूरत के समय एक दूसरे की हर तरह से सहायता करते हैं एवं सुझाव देते हैं.ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से लग्न से छठी राशि वालों से दोस्ती अच्छी नहीं होती है, इस साझेदारी से दोष लगता है.

आपका मित्र, साझेदार या जीवनसाथी आपकी लग्न से सप्तम राशि का है तो यह दोनों के लिए शुभ है.इस स्थिति में दोनों के अच्छे सम्बन्ध रहेंगे.साझेदार के भाग्य से आपकी उन्नति होगी.अष्टम राशि वालों से मित्रता भी दोषपूर्ण माना जाता है (Friendship with people of eighth sign is considered flawed).नवम राशि वालों से मित्रगत सम्बन्ध शुभफलदायी और उत्तम होता है.आपको अपने साथी से सुख एवं अनुकूल सहयोग मिलता है.यह आपको उर्जावान रखता है व मान सम्मान दिलाता है.दशम राशि का साथी बहुत अधिक घनिष्ठता नहीं रखता है तो अहित भी नहीं करता है.आप इनसे जैसा वर्ताव करेंगे यह आपसे उसी प्रकार प्रस्तुत होंगे.एकादश राशि वाला व्यक्ति मित्रता के बहुत ही अच्छा होता इससे मित्रों को परस्पर लाभ होता है जबकि द्वादश राशि वालों के बीच मित्रता, साझेदारी एवं सम्बन्ध परेशानी और कष्टदायक होता है।

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