ज्योतिषशास्त्र एक प्रकार का विज्ञान है परंतु कुछ आलोचक इसे विज्ञान के रूप में स्वीकार करने से इंकार करते हैं और अपने अपने तर्क देते हैं. क्या आलोचकों के तर्क सही हैं और ज्योतिष विज्ञान है अथवा नहीं आइये देंखें. सिद्धांतों, नियमों, प्रयोगो...

Read More »

किसी भी व्यक्ति की जन्मकुण्डली बनाने के लिए जन्म तिथि, जन्म समय एवं जन्म स्थान की आवश्यकता होती है. संसार में एसे बहुत से व्यक्ति जिन्हे अपनी जन्म तिथि या समय सही सही मालूम नही होता. प्रकृ्ति के नियम के अनुसार सुख दुख प्रत्येक व्यक्ति के ...

Read More »

आकाशीय ग्रहों में राहु केतु का अस्तित्व भले ही नहीं हो परंतु ज्योतिषशास्त्र में अन्य ग्रहों की तरह इसे भी प्रमुखता दी गई है। राहु केतु आभासीय ग्रह (Rahu and Ketu are non-physical planets) हैं जो किसी भी व्यक्ति की जन्म पत्रिका में बैठकर भाव...

Read More »

अगर आपकी कुण्डली के प्रथम भाव में बृहस्पति गोचर कर रहा है और आप विवाह के लिए तैयार है तो समझ लीजिए सेहरा तैयार है यानी जल्दी ही आपकी शादी होने वाली है. इस भाव में बृहस्पति के गोचर से शारीरिक तौर पर आप चुस्त और मानसिक तौर पर तंदरूस्त रहते है...

Read More »

 सभी ग्रह चलायमान हैं.सभी ग्रहों की अपनी रफ्तार है कोई ग्रह तेज चलने वाला है तो कोई मंद गति से चलता है.ग्रहों की इसी गति को गोचर कहते हैं (The movement of planets through the zodiac is called transit).ग्रहों का गोचर ज्योतिषशास्त्र में बहुत ...

Read More »

 सभी ग्रह चलायमान हैं.सभी ग्रहों की अपनी रफ्तार है कोई ग्रह तेज चलने वाला है तो कोई मंद गति से चलता है.ग्रहों की इसी गति को गोचर कहते हैं (The movement of planets through the zodiac is called transit).ग्रहों का गोचर ज्योतिषशास्त्र में बहुत ...

Read More »

सप्तम भाव उस विषय वस्तु के विषय का बोध कराता है जिसके बारे मे प्रश्न किया जाता है. प्रश्न किस विषय से सम्बन्धित है यह जानने के लिये जो ग्रह लग्न को पूर्ण दृष्टि से देखता है, उस ग्रह से जुड़ा प्रश्न हो सकता है (The query maybe related to the...

Read More »

प्रश्न कुण्डली में लग्न और पंचम में शुभ ग्रह हो (If there is a benefic planet in the Ascendant and the fifth house) तो स्त्री गर्भवती होती है. सप्तमेश और पंचमेश लग्न या पंचम स्थान मे हो तब भी स्त्री गर्भवती होती है. लग्न,पंचम एवं एकादश स्था...

Read More »

आपकी कुण्डली के प्रथम भाव में द्वादश भाव का स्वामी स्थित है.इस स्थिति में आप दिखने में आकर्षक होते हैं.आपकी वाणी में मधुरता रहती है परंतु क्रोध भी जल्दी आता है जिसके कारण आप किसी से भी उलझ पडते हैं.आपका अधिकांश समय पैतृक स्थान से दूर व्यतीत...

Read More »

दीपावली यानी धन और समृद्धि का त्यौहार. इस त्यौहार में गणेश और माता लक्ष्मी के साथ ही साथ धनाधिपति भगवान कुबेर, सरस्वती और काली माता की भी पूजा की जाती है. सरस्वती और काली भी माता लक्ष्मी के ही सात्विक और तामसिक रूप हैं. जब सरस्वती, लक्ष्मी ...

Read More »

गुरु को जीवन साथी, संतान, धन, धर्म, आध्यात्म, विधा, विवेक, योग्यता, बडा भाई, सोना का कारक कहा गया है. गुरु की वक्रता इन सभी कारकतत्वों संबन्धी दिक्कतें दे सकती है. ऎसे में विवाह व शुभ कार्य संपन्न होने में कुछ बाधाएं आ सकती है. संतान के जन्...

Read More »

भगवान शंकर के गण नदी द्वारा जिस ज्योतिष विधा को जन्म दिया गया उसे नंदी नाड़ी ज्योतिष (Nandi Nadi Jyotish) के नाम से जाना जाता है. नंदी नाड़ी ज्योतिष (Nandi Nadi Jyotish) मूल रूप से दक्षिण भारत में अधिक लोकप्रिय और प्रचलित है. इस ज्योतिष विध...

Read More »