आई. ए. एस. जैसे उच्च पद की प्राप्ति के लिये व्यक्ति की कुण्डली में शिक्षा का स्तर अच्छा होना चाहिए. शिक्षा के लिये शिक्षा के भाव  दूसरा, चतुर्थ भाव, पंचम भाव व नवम भाव को देखा जाता है. इन भाव/भावेशों के बली होने पर व्यक्ति की शिक्षा उतम मान...

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सफल राजनेताओं की कुण्डली में राहु का संबध छठे, सांतवें, दशवें व ग्यारहवें घर से देखा गया है. कुण्डली के दशवें घर को राजनीति का घर कहते है. सत्ता में भाग लेने के लिये दशमेश या दशम भाव में उच्च का ग्रह बैठा होना चाहिए. और गुरु नवम में शुभ प...

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शुक्र ग्रह को गणन (कम्प्यूटर) का कारक माना गया है. मंगल बिजली के व सिविल इंजिनियरिंग तथा भूमि के कारक है. बुध को शिल्प, तर्क, गणना करने की योग्यता देने वाला ग्रह कहा गया है. शनि से तकनीकी काम, व यन्त्रों के ग्रह कहे गये है. सूर्य की युति मं...

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आपकी कुण्डली के अष्टम भाव में अगर कार्य भाव स्वामी स्थित है तो आप स्थायी तौर पर कार्य करने में आपको परेशानी आ सकती है.मार्केटिंग के काम में आपको अच्छी सफलता मिलेगी.आप व्यापार करते हैं तो इसमें समय समय पर आप बदलाव कर सकते हैं.अगर दशमेश बृहस्...

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आजिविका के क्षेत्र में सफलता व उन्नति प्राप्त करने के लिये व्यक्ति में अनेक गुण होने चाहिए, सभी गुण एक ही व्यक्ति में पाये जाने संभव नहीं है. किसी के पास योग्यता है तो किसी व्यक्ति के पास अनुभव पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. कोई व्यक्ति अपन...

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फिल्म एवं टेलिविजन में स्टार कैरियर के लिये व्यक्ति का लग्न व लग्नेश अति बली (The Ascendant or its lord should be strong ) होना चाहिए. जिससे व्यक्ति दूसरों पर अपना प्रभाव छोडने में सक्षम हो सकता है जिससे लोग लम्बे समय तक उसे याद रख सके यह अ...

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गुरू को सत्वगुणी ग्रह माना जाता है. यह ज्ञान व भाग्य का प्राकृति स्वामी ग्रह माना जाता है. ज्योतिषशास्त्र में इसे धन का कारक भी कहा गया है. आजीविका का सम्बन्ध धन व आय से होता है. इस लिहाज से गुरू का सम्बन्ध आजीविका स्थान यानी दसवें घर से हो...

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व्यवसाय का सम्बन्ध जीविका से है. जीविका के लिए व्यक्ति व्यापार करता है या नौकरी. इसका स्तर छोटा भी हो सकता है और बड़ा भी. इसमें पदोन्नति भी होती है और स्थानांतरण भी. प्रश्न कुण्डली रोजगार और व्यवसाय से सम्बन्धित सभी पहलूओं का उत्तर देने में...

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