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जैमिनी ज्योतिष से विवाह का विचार Determination of Marriage Prospects as per Jaimini Astrology

जैमिनी ज्योतिष से विवाह का विचार Determination of Marriage Prospects as per Jaimini Astrology

जैमिनी ज्योतिष (Jaimini Jyotish) में विवाह के विचार के लिए उपपद को एक महत्वपूर्ण कारक के रुप में देखा जाता है. उपपद और दाराकारक (Uppad and Dara Karak) से दूसरे एवं सातवें घर एवं उनके स्वामियों का भी विवाह के संदर्भ में विचार किया जाता है. इस विषय में कहा गया है कि अगर दूसरे घर में कोई ग्रह शुभ होकर स्थित हो व उसकी प्रधानता हो अथवा गुरु (Jupiter Karkamsa) और चन्द्रमा कारकांश (Moon Karkamsa) से सातवें घर में स्थित हो तो सुन्दर जीवनसाथी प्राप्त होता है. अगर दूसरे घर में कोई ग्रह अशुभ होकर स्थित हो तो एक से अधिक विवाह का संकेत मिलता मिलता है. कारकांश से सातवें घर में बुध होने पर जीवनसाथी पढ़ा लिखा होता है. अगर चन्द्रमा कारकांस से सप्तम में हो तो विदेश में शादी की पूरी संभावना बनती है.

June 8 2010 | Posted in Jaimini Jyotish, Marriage Astrology | Read More »

ज्योतिष में ग्रहों और राशियों की शक्ति ( The Power of Planets and Signs in Astrology)

ज्योतिष में  ग्रहों और राशियों  की शक्ति ( The Power of Planets and Signs in Astrology)

ज्योतिषशास्त्र के आधार ग्रह और राशि हैं. इन्हीं की स्थितियों के आधार पर व्यक्ति विशेष के जीवन में उतार-चढ़ाव तथा यश-अपयश व सुख-दुख का विचार किया जाता है. यह सभी विषय व्यक्ति को उनकी कुण्डली में स्थिति ग्रह और राशियों की शक्ति के अनुरूप कम व ज्यादा मिलता है. इनके बीच शक्ति का आंकलन ज्योतिषशास्त्र के विशेष नियमों के आधार पर किया गया है. महर्षि जैमिनी ने अपने ज्योतिष में ग्रह व राशियों के बल को मापने के 7 आधार बताए हैं.

June 2 2010 | Posted in Jaimini Jyotish | Read More »

जैमिनी ज्योतिष (Jaimini Astrology)

जैमिनी ज्योतिष (Jaimini Astrology)

जैमिनी ज्योतिष (Jaimini Jyotish) में आत्मकारक ग्रह नवमांश कुण्डली में जिस राशि में होता है वह कारकांश राशि (Karkamsha Rashi) कहलाती है. कारकांश राशि को लग्न माना जाता है और अन्य ग्रहों की स्थिति जन्म कुण्डली की तरह होने पर जो कुण्डली तैयार होती है

November 28 2009 | Posted in Feature, Jaimini Jyotish | Read More »