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शनि नौकरी एवं कारोबार (Saturn’s Influence on Profession and Business)

शनि नौकरी एवं कारोबार (Saturn’s Influence on Profession and Business)

शनि देव कर्म के स्वामी हैं (Saturn is the lord of Karma). जिनकी कुण्डली में शनि देव की शुभ स्थिति होती है उनका करियर ग्राफ निरन्तर आगे बढ़ता रहता है . ग्रह की स्थिति जिनकी कुण्डली में अशुभ होती है उन्हें कारोबार एवं रोजी रोजगार में अनेकों तरह की परेशानियों से दो चार होना पड़ता है. कुण्डली में इनकी उपस्थित एवं शुभ अशुभ के आधार पर व्यक्ति के करियर एवं रोजी रोजगार के विषय में संकेत प्राप्त किया जा सकता है.

December 2 2009 | Posted in Saturn | Read More »

शनि और पाप ग्रह (Shani and Malefic Planets)

शनि और पाप ग्रह (Shani and Malefic Planets)

नवग्रहों में शनि स्वयं पाप ग्रह है.जब शनि अन्य पाप ग्रहों के साथ होता है तब यह किस प्रकार का फल देता है यह उत्सुकता का विषय है.क्या शनि का पाप प्रभाव और बढ़ जाता है या शनि शुभ प्रभाव देता है.विभिन्न भावों में पाप ग्रहों से युति बनाकर शनि किस प्रकार का फल देता है.यहां इन बातों पर हम बात कर रहे हैं.

December 2 2009 | Posted in Saturn | Read More »

शनि का गोचर (Saturn’s transit)

शनि का गोचर (Saturn’s transit)

नवग्रहों में शनि को सर्वाधिक शक्तिशाली ग्रह के रूप में जाना जाता है.शनि भाग्य का निर्माता है तो भाग्य को अभाग्य में बदलने की क्षमता भी रखता है.शनि को ज्योतिषशास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है.आइये देखें कि शनि देव गोचर (Transit of Shani) में किस प्रकार से फल प्रदान करते हैं. ज्योतिष विधा के अनुसार शनिदेव जब गोचर में चन्द्र राशि से द्वादश भाव में आते हैं एवं द्वितीय भाव की राशि में रहते हैं तो साढ़े साती की अवधि कहलाती है

December 1 2009 | Posted in Saturn | Read More »

राशियों पर शनि का प्रभाव (Saturn’s Influence in Different Zodiac Signs)

राशियों पर शनि का प्रभाव (Saturn’s Influence in Different Zodiac Signs)

जैसे कुछ ग्रहों के साथ शनि देव शुभ होते हैं और कुछ के साथ अशुभ फलदायी, उसी प्रकार कुछ 12 राशियों में से कुछ में शनि लाभदायक तो कुछ में हानिकारक होते हैं.आपकी कुण्डली में शनि किस राशि में हैं और यह आपको किस प्रकार से प्रभावित करेंगे आइये इसे देखें.

November 30 2009 | Posted in Feature, Saturn | Read More »

शनि साढे साती, प्रभाव एवं उपचार (Saturn Sade Sati, effects & remedies)

शनि साढे साती, प्रभाव एवं उपचार (Saturn Sade Sati, effects & remedies)

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार साढ़े साती तब बनती है जब शनि गोचर में जन्म चन्द्र से प्रथम, द्वितीय और द्वादश भाव से गुजरता है। शनि एक राशि से गुजरने में ढ़ाई वर्ष का समय लेता है इस तरह तीन राशियों से गुजरते हुए यह साढ़े सात वर्ष का समय लेता है जो साढ़े साती कही जाती है। सामान्य अर्थ में साढ़े साती का अर्थ हुआ सात वर्ष छ: मास।

November 29 2009 | Posted in Saturn | Read More »

शनि के शुभ फल (Saturn can give good results)

शनि के शुभ फल (Saturn can give good results)

ज्योतिषशास्त्र में शनि के विषय में कहा गया है कि जिनकी कुण्डली में शनि द्वितीय (Saturn in the 2nd house) भाव में होते हैं शनि उनके लिए शुभ फलदायी (Saturn is lucky for them) होते हैं.इस भाव में शनि होने से व्यक्ति बहुत ही चालाक और अपने काम से मतलब रखने वाला होता है.शनि की यह स्थिति व्यक्ति को धनवान और आर्थिक रूप से परिपूर्ण बनाती है.

November 28 2009 | Posted in Saturn | Read More »