हमारा जीवन चक्र ग्रहों की गति और चाल पर निर्भर करता है. ज्योतिष शास्त्र इन्हीं ग्रहों के माध्य से जीवन की स्थितियों का आंकलन करता है और भविष्य फल बताता है. ज्योतिष गणना में योग का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. कुछ योग शुभ स्थिति बताते हैं तो कु...


28 Dec 2009 0 comments Read More

20 दिसम्बर को गुरू राशि परिवर्तन करके कुम्भ राशि में प्रवेश कर रहा है. इस राशि में इसका गोचर 1 मई तक रहेगा. इस दौरान गुरू की रजत स्थिति रहेगी तथा यह कृतिका नक्षत्र के दूसरे, तीसरे तथा चौथे पद तथा रोहिणी नक्षत्र के चारों पदों में एवं मृगशिरा...


18 Dec 2009 0 comments Read More

गुरू को नवग्रहों में शुभ ग्रह के रूप में जाना जाता है. यह धर्म और अध्यात्म का प्रतिनिधित्व करता है. विवाह, संतान की प्राप्ति, शिक्षा एवं ज्ञान के साथ ही साथ शुभता एवं खुशहाली के लिए भी गुरू की स्थिति से विचार किया जाता है. यही कारण है कि गु...


17 Dec 2009 0 comments Read More